अगले सप्ताह से इतना महंगा हो सकता है पेट्रोल-डीजल, चुनाव निपटते ही जनता पर गिरेगी गाज 05-Mar-2022
नई दिल्ली: यूक्रेन-रूस युद्ध के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड ऑयल की कीमतें आसमान छू रही हैं. हालांकि, भारत में पेट्रोल-डीजल के दामों में फिलहाल शांति बनी हुई है. भारत में अगले हफ्ते पेट्रोल और डीजल के दामों में चार महीने से ज्यादा वक्त में पहली बार अगले हफ्ते वृद्धि की जाएगी. महंगाई की चितां के बीच सरकारी अधिकारियों ने यह जानकारी दी.
घरेलू बाजार को नियंत्रित करने वालीं सरकारी तेल कंपनियों ने 4 नवंबर के बाद से ईंधन के दाम नहीं बढ़ाए हैं. इसके पीछे की वजह उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में रहे विधानसभा चुनावों को माना जा रहा है.
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की खबर के हवाले से, तेल की कीमतों पर आंतरिक चर्चा की जानकारी रखने वाले एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया, "7 मार्च को चुनाव खत्म होने के बाद तेल कंपनियां चरणबद्ध तरीके से कीमतें बढ़ाने के लिए स्वतंत्र होंगी.
ईंधन की कीमतों में वृद्धि से सरकार को विरोध का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन पांच राज्यों में चुनाव हो जाने से मोदी सरकार के लिए राजनीतिक जोखिम कम हो जाएगा. जब 14 मार्च से शुरू हो रहे संसद के सत्र में विपक्षी पार्टियां टैक्स कटौती पर जोर देंगी.
24 फरवरी को रूस के यूक्रेन पर हमला करने के बाद क्रूड की कीमतों में उछाल आया है. गुरुवार को ब्रेंट क्रूड 116 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर निकला गया जबकि गेहूं, सोयाबीन, फर्टिलाइजर और तांबा, स्टील तथा एल्युमिनियम जैसी धातुओं की आपूर्ति में बाधा की वजह से इनकी कीमतों में वैश्विक स्तर पर तेजी आई. इससे आर्थिक सुधार और महंगाई को लेकर चिंता बढ़ गई है.
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि सरकारी तेल कंपनियों ने सरकार से कहा कि उन्हें पेट्रोल और डीजल के दाम में 10 से 12 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की जरूरत है.
सरकारी तेल विपणन कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि तेल कीमतों में इजाफा न करने से वे नुकसान का सामना कर रहे हैं. हालांकि, उन्होंने आंकड़ा नहीं दिया है, कंपनी के अधिकारी ने कहा, "हमें भारी नुकसान हो रहा है.
source: NDTV