केदारनाथ के कपाट शीतकाल तक के लिए बंद, आज यमुनोत्री के कपाट भी होंगे बंद

केदारनाथ के कपाट शीतकाल तक के लिए बंद, आज यमुनोत्री के कपाट भी होंगे बंद 03-Feb-2022

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रुद्रप्रयाग. उत्तराखंड चार धामों में प्रसिद्ध ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग भगवान केदारनाथ मंदिर के कपाट आज शनिवार भैया दूज पर्व पर वृश्चिक राशि अनुराधा नक्षत्र में  समाधि पूजा-प्रक्रिया के पश्चात विधि-विधान से शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए. ब्रह्ममुहूर्त से कपाटबंद होने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी. प्रात: 6 बजे  पुजारी बागेश लिंग ने केदारनाथ धाम के दिगपाल भगवान भैरवनाथ का आव्हान कर धर्माचार्यों की उपस्थिति में स्यंभू शिवलिंग को  विभूति तथा शुष्क फूलों  से ढंककर समाधि रूप में विराजमान किया. 

बैंड बाजों की धुनों के बीच परिक्रमा

ठीक सुबह 8 बजे मुख्य द्वार के कपाट शीतकाल हेतु बंद कर दिये गये. इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु कपाट बंद होने के साक्षी रहे. बर्फ की सफेद चादर ओढ़े केदारनाथ धाम से पंचमुखी डोली ने सेना के बैंड बाजों की भक्तिमय धुनों के बीच मंदिर की परिक्रमा की. इसके बाद विभिन्न पड़ावों से होते हुए शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ हेतु प्रस्थान किया. संपूर्ण केदारनाथ में बर्फ जमी हुई है. मौसम सर्द हो गया है. यहां हेलीकॉप्टर सेवा अभी जारी है.

अब आगे क्या होगा

भगवान केदारनाथ की पंचमुखी डोली ने मंदिर की परिक्रमा के बाद जय श्री केदार के उद्घोष के बाद पहले पड़ाव रामपुर के लिए प्रस्थान किया. कल 7 नवंबर को डोली विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी प्रवास हेतु पहुंचेगी. 8 नवंबर को भगवान केदारनाथ की पंचमुखी डोली पंच केदार गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ विराजमान हो जायेगी. इसी के साथ भगवान भगवान केदारनाथ की शीतकालीन पूजाएं शुरू हो जाएंगी.

उत्तराखंड चारधामों में क्या है स्थिति

गंगोत्री धाम के कपाट विगत 4 नवंबर को शीतकाल हेतु बंद कर दिए गए थे. श्री यमुनोत्री धाम के कपाट आज दिन में बंद होंगे. आगामी 20 नवंबर को भगवान बदरीविशाल के कपाट शीतकाल हेतु बंद होंगे. 22 नवंबर को भगवान मद्महेश्वर जी के कपाट बंद होंगे. 25 नवंबर को उखीमठ में मद्महेश्वर मेला लगेगा. प्राप्त जानकारी के अनुसार अभी तक साढ़े चार लाख से अधिक तीर्थ यात्री  चार धाम के दर्शनों के लिए पहुंचे थे,  जिनमें दो लाख चालीस हजार से अधिक भगवान केदारनाथ जी के दर्शन को पहुंचे.

ये रहे मौजूद

केदारनाथ धाम के कपाट बंद होते समय उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम बोर्ड के सदस्य श्रीनिवास पोस्ती, देवस्थानम बोर्ड सदस्य आशुतोष डिमरी, आयुक्त गढ़वाल एवं  देवस्थानम बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविनाथ रमन, जिलाधिकारी मनुज गोयल, देवस्थानम बोर्ड के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी बीडी सिंह, पुलिस अधीक्षक आयुष अग्रवाल, उप जिलाधिकारी जितेंद्र वर्मा,

जल विद्युत निगम डीजी केके बिष्ट एवं अनुराग बिष्ट  देवानंद गैरोला, केदार सभा अध्यक्ष विनोद शुक्ला, योगेंद्र सिंह,शिव सिंह रावत, सहायक अभियंता गिरीश देवली, पुलिस चौकी प्रभारी मंजुल रावत, मंदिर प्रशासनिक अधिकारी यदुवीर पुष्पवान, प्रभारी लेखाअधिकारी आर सी तिवारी,धर्माचार्य औंकार शुक्ला प्रबंधक अरविंद शुक्ला एवं प्रदीप सेमवाल आदि मौजूद रहे.

SOURCE: ZEE NEWS